13 साल की उम्र में हुआ था रेप, जानिए अलीसिया की कहानी…!

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अलीसिया कोज़ीकिएविच केवल 13 साल की थीं, जब वे पिट्सबर्ग के अपने घर से बाहर निकलीं, उस इंसान से मिलने जिससे वे ऑनलाइन चैट किया करती थीं। उसके बाद से जो कुछ भी हुआ, वह एक बहुत बुरे सपने की तरह था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अलीसिया ने बताया, उस समय 2002 का नया साल था। मेरी मां ने पोर्क और सॉरक्रॉत का बेहद ही लाजवाब खाना बनाया था।

मेरी दादी, मां, पिता, भाई और भाई की गर्लफ्रेंड, हम सबने मिलकर वह स्वादिष्ट खाना खाया।उसके बाद मैं बाहर निकल गई।मुझे अच्छे से याद है कि मैं सड़क पर थी और चारों ओर बर्फ़ ही बर्फ़ थी। बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ था। मैंने खुद से कहा, मैं क्या कर रही हूँ?

किसी ने मेरा नाम लेकर मुझे पुकारा उसके बाद फिर मैं एक कार में बैठी थी। मेरा एक स्क्रीन नाम भी था और मैं अपने दोस्तों के साथ हर तरह की बातें किया करती थी। मेरे उन दोस्तो में से ही एक लड़का था, जो की करीब मेरी ही उम्र का लगता था।वह मुझसे बहुत बातें किया करता था। मेरी बातें भी सुनता था और मुझे सलाह दिया करता था।

ये वही लड़का था, जिसे मैं मिलने बाहर गई थी और जिसकी गाड़ी में मैं बैठ गई थी।उसने मेरा हाथ बहुत जोर से पकड़ रखा था और गाड़ी भी चला रहा था। वह मुझसे बार-बार यह भी कहता जा रहा था की,“शांत हो जाओ, चुपचाप बैठो,अगर तुम मेरा कहा नहीं मानी तो मैं तुम्हें उठाकर गाड़ी की डिक्की में डाल दूंगा।”

वह मुझको एक मकान के खुफिया कमरे में ले गया। कुत्ते को बांधने वाला कॉलर उसने मेरे गले में डाल दिया और फिर बिस्तर पर ले गया।उसने मेरा बलात्कार किया। उसने मुझे बिस्तर पर ही बांध दिया, मुझे बहुत बुरी तरह से पीटा और मुझे कई तरह से प्रताड़ित भी किया और मेरे साथ दुष्कर्म करता रहा।ऐसा मेरे साथ चार दिन तक हुआ।मैंने खुद से कहा की,“वह शायद मेरी हत्या कर देगा लेकिन मैं संघर्ष करूंगी।पर मुझे लगा कि मैं पूरी तरह से टूट चुकी हूँ।”

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उस समय मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आ रही थी। मैं मालूम थी कि वे मेरी तलाश कर रहे होंगे।पर सवाल यह था कि वे मुझे ज़िंदा पाएंगे भी या नहीं।यदि आज भी लोग मेरी कहानी सुनते हैं तो उन्हें बहुत बड़ा झटका सा लगता है। लोगों समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर मेरे साथ यह कैसे हो गया। कुछ लोग तो पीड़ित पर ही दोष का पिटारा खोल देते हैं।

मैं और मेरे परिवार ने यह निश्चय कर लिया कि मैं दूसरे बच्चों और उनके रिश्तेदारों के साथ ऐसा नहीं होने दूँगी। हमें यह महसूस हुआ कि ऐसी घटना का मुख्य कारण यह था कि उन दिनों इंटरनेट सुरक्षा से जुड़ी जानकारी बच्चों को नहीं दी जाती थी।

मैं 14 साल की उम्र से ही सबको यह बताने लगी कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ था। मैं अपनी कहानी लोगों को सुनाती थी। मैं इस मिशन पर आज भी काम कर रही हूँ। सख़्त क़ानून न होने के कारण दो फीसदी से भी कम मामलों में बच्चों के यौन शोषण की सही जांच हो पाती है।एक नया क़ानून भी बनाया गया जिससे इंटरनेट के ज़रिए बच्चों के साथ होने वाले अपराध की रोकथाम के लिए टास्क फ़ोर्स बनाया जा सके।

मेरे नाम पर ही इस काननू का नाम पड़ा जिसे अलीसिया लॉ कहा गया।इस नियम में यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए स्थायी तौर पर व्यवस्था करने का प्रावधान है।अमरीकी राज्य वर्जीनिया, कैलीफ़ोर्निया, केंटकी, टेक्सस, टेनेसी, एरिज़ोना, हवाई और वॉशिंगटन में अलीसिया क़ानून लागू किया जा चुका है। हम ये चाहते हैं कि इसे विस्कॉन्सिन, मेरीलैंड और दक्षिण कैरोलाइना में भी बहुत जल्द ही लागू कर दिया जाए।

मैं फ़ोरेंसिक साइकोलॉजी में मास्टर् डिग्री के लिए पढ़ रही हूँ। मैंने निश्चय कर लिया है कि मैं उन बच्चों के लिए काम करूंगी, जिनका यौन शोषण हुआ है।मेरे मंगेतर इस काम में मेरी पूरी सहायता कर रहे हैं। वे एक बहुत ही नेकदिल इन्सान तो हैं ही इसके साथ वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं।

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