आप क्या जानते हैं पक्षियों के सुसाइड पॉइंट के बारे में..?

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यह दुनिया रहस्यों से भरी हैं और ऐसे रहस्यों से जिनको आजतक कोई भी सुलझा नहीं सका। कई रहस्य तो इस प्रकार के होते हैं जो वैज्ञानिको का दिमाग भी चकरा देते है। बता दे भारत में भी ऐसे कई रहस्य और अचरज की बातें हैं जिन्हें आजतक कोई भी सुलझा नहीं सका हैं। आज आपको जिस रहस्यमयी जगह के बारे में बताने वाले हैं वह असम में हैं। बता दे असम जहां पर्यटन के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है वहीं ये कई रोचक और रहस्यमयी चीजों के लिए भी चर्चा में हमेशा रहता है। आइए हम आपको बताते हैं असम की एक ऐसी ही जगह के बारे में जहां परिंदे भी आत्महत्या करते हैं।

यह जगह पक्षियों के सुसाइडपॉइंट के रूप में पूरे देश में बहुत ही प्रसिद्ध है। हालांकि यहां अब भी कई ऐसे भी रहस्य हैं, जो यहां के लोगों को हैरत में डालते हैं। बता दे इस जगह का नाम जातिंगा है। ये असम में दिमा हासो जिले’ की पहाड़ी घाटी में बसा है। यह एक रहस्यमयी गांव है। जातिंगा की सबसे हैरत करने वाली बात यह है कि यहां परिंदे केवल अपनी जान देने के लिए ही आते है।

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आपको बता दे कि परिंदों की ओर से खुदखुशी करने की शुरुआत सितंबर माह से ही शुरू हो जाती है। यहां बड़ी संख्या में पक्षियों के द्वारा आत्महत्या किया जाता है। यह भी माना जाता है कि यहां एक बार अगर अप्रवासी पक्षी आ जाए तो फिर वापस नहीं जा पाते। अक्टूबर और नवंबर महीने के दौरान अंधेरी रातों में यहां बहुत ही अजीबोगरीब किस्से होते रहते हैं।

मानसून के अलावा कोहरे वाली रातों को भी पक्षियों के आत्महत्या करने के मामले अधिक घटना देखने को मिलते हैं। बता दे यहां के लोग पक्षियों की मौत को भूत और रहस्मय ताकतों से जुड़ी हुई भी मानते हैं। वहीं विज्ञान के मुताबिक गहरी घाटी में बसे होने के वजह जातिंगा में तेज बारिश के दौरान पक्षी यहां से उड़ने की कोशिश भी करते हैं तो वह पूरी तरह से गीले हो जाते हैं और उनको उड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है।

आत्महत्या की इस दौड़ में स्थानीय और प्रवासी चिडिय़ों की 40 प्रजातियां शामिल हैं। कहा यह जाता है कि यहां पर बाहरी अप्रवासी पक्षी जाने के बाद वापस नहीं आते है। इस वैली में रात में एंट्री पर प्रतिबंध ही लगा है। वैसे जतिंगा गांव प्राकृतिक कारणों के चलते नौ महीने बाहरी दुनिया से अलग-थलग ही रहता है।

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