कॉम्पलेन और ग्लूकॉन डी को 4,595 करोड़ रुपये में बेच दिया गया, जानिए किसने खरीदा

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कॉम्पलेन और ग्लूकॉन डी – बचपन में जब आप से कोई भी पूछता होगा कि आपकी एनर्जी का राज क्या है ? तो आपने जरूर कहते होंगे.. “कॉम्पलेन इज द सिक्रेट एनर्जी ऑफ माइ एनर्जी।” बचपन में हर किसी ने कॉम्पलेन पिया होगा। बता दे कॉम्पलेन गर्ल तो हर घर-घर में पसंद की जाती थी और हर लड़की कॉम्पलेन गर्ल की तरह स्टॉन्ग बनना चाहती थी।

हर घर-घर में मौजूद ग्लूकॉन डी

कॉम्पलेन के अलावा एक ग्लूकॉन डी ही था जो हर घर में मौजूद था। हर किसी को भी चक्कर आते थे तो उसे ग्लूकॉन डी को ही पिलाया जाता था। गर्मी में पानी की कमी को पूरी करने और शरीर में इंस्टेंट एनर्जी पैदा करने के लिए ग्लूकॉन डी ही मरीज को पिया जाता है। ग्लूकॉन डी ही एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है और इसे डॉक्टर भी यूज़ करते हैं।

कौन बेचता है ये दोनों चीजें ?

क्या आपको मालूम है कि ये दोनों चीजें कौन बेचता होगा ? ये दोनों ही चीजें हेंज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बेचती थी जिसके बारे में शायद ही किसी को मालूम है। लेकिन अब ये खबरों में है। क्योंकि ये खुद को बेच रही है और अब कॉम्पलेन और ग्लूकॉन डी कोई और कंपनी बेच सकती है।

अब जायडस केडिला बेचेगी कॉम्पलेन और ग्लूकॉन डी

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अब जायडस केडिला कॉम्पलेन, ग्लूकोन डी और नाइसिल जैसे प्रोडक्ट बेचने वाली है। जायडस केडिला ने हेंज इंडिया प्राइवेट को अधिग्रहण करने का फैसला किया है। अब से हेंज इंडिया जायडस केडिला के अंदर काम करने वाली है। अधिग्रहण की यह डील 4595 करोड़ रुपये में हुआ है। जायडस केडिला हेल्थकेयर की यह यूनिट है। इसका ऑफिस अहमदाबाद में है। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयर में 2 फीसद का उछाल देखने को मिला है। आपको बता दे हेंज इंडिया कई और सारे प्रोडक्ट्स भी बेच रही है। हेंज इंडिया के पास कॉम्लेन, ग्लूकोन डी, नाइसिल और संप्रति घी जैसे ब्रांड भी हैं।

1150 करोड़ का रेवन्यू देते हैं ये चारों प्रोडक्ट

ये कुल चारों ब्रांड है और इनका देश में बहुत ही नाम है। इस कारण ही यह हेंज इंडिया को बहुत ही बड़ा रेवन्यू देती है। इन चारों प्रोडक्ट से हेंज इंडिया को ने 1150 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त है। इस कंपनी के पास देशभर में 800 डिस्ट्रीब्यूटर और 20 हजार से ज्यादा व्होलसेलर भी हैं।

इस वित्त वर्ष में हो जाएगा ट्रांजेक्शन पूरा

ये दोनों कंपनियों के बीच का ट्रांजेक्शन इस वित्त वर्ष में ही पूरा होने वाले है। अनुमान लगाने वाले कह रहे हैं कि यह ट्रांजेक्शन इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही तक पूरा होगी। इसके अधिग्रहण के बाद जायडस वेलनेस का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1700 करोड़ रुपये हो जा सकते है। जायडस वेलनेस ने कहा कि यह ट्रांजेक्शन इक्विटी और कर्ज मिलाकर फाइनेंस किया जा सकता है। कंपनी ने यह बताया कि तेजी से बढ़ते ब्रांड का यह अधिग्रहण उपयुक्त है। हेंज पिछले 50 सालों से मार्केट में हैं और मार्केट में इसका बहुत ही दबदबा है।

ग्लूकोन डी हुआ था 1933 में लॉन्च

आपको बता दे हेंज के ग्लूकोन डी को सबसे पहले 1933 में लॉन्च किया गया था। इसके बाद कंपनी ने 1969 में मिल्क-बेस्ड हेल्थ फूड ड्रिंक कॉम्पलेन को लेकर आई थी। ये दोनों ही प्रोडक्ट हर घर-घर में अपनी एक पहचान बना चुके हैं।

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