आपका ही ईयरफोन बन रहा है आपके मौत का वजह, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें

दोस्तो कान में ईयर फोन लगे होने की कारण कई हादसे देखने और सुनने को मिल जाते हैं। लोगों की ये लापरवाही उनके मौत का वजह बन रही है। आजकल ये समस्या सिर्फ युवाओं को ही नहीं बल्कि हर उम्र के पुरुष और महिलाओं को चपेट में ले रही है। ईयरफोन के शौकीन ना सिर्फ खुद की जिंदगी के साथ खेलते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे होते हैं। तो चलिए जानते हैं और भी ईयरफोन से जुड़ी कुछ बातें-

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सड़क पर आप एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका में रहें। संगीत सुनना या फोन पर बतियाना आपका व्यक्तिगत मामला है इसे सार्वजनिक कर दूसरों की जान से खेलने का आपको कोई हक नहीं हैं। यदि सड़क पर चलते हुए आप किसी ऐसे पुरूष को देखें तो तुरंत रोककर टोकें। उसे उसकी सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराएं। आपकी एक छोटी सी भूल या कहें कि लाइफस्टाइल किसी के लिए मौत का सबब बन सकती है।

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यदि आप संगीत सुनने का शौक रखते हैं और अक्सर इसे सुनने के लिए आप ईयर फोन का इस्तमाल करने हैं, तो ध्यान रखें कि 2 घंटे से ज्यादा समय तक तेज आवाज को न सुनें। यह आपके कानों को बड़ी क्षति पहुंचा सकता है। अपना ईयर फोन किसी और को प्रयोग न करने दें और ना ही किसी और का ईयर फोन खुद ही इस्तेमाल करें। यह आपके कानों में बैक्टीरियल इंफेक्शन या अन्य समस्या की रिस्क को कम करेगा। ENT विशेषज्ञों की मानें तो आपका कान बिना उपयोग की आवाजें पर्दे से टकराकर वापस भेज देता है।

जबकि ईयर फोन लगाने से मल्टीपल फ्रिक्वैंसेस की टोन कान के पर्दे से टकराती हैं तो वे टकराने के बाद फिर दोबारा वापस आ जाती है। इसके वजह से सारी आवाजें कान के अंदर घूमती रहती हैं, जो हमारी नसों को कमजोर कर देती हैं। अगर आप लंबे समय से ईयर फोन का उपयोग कर रहे हैं तो इससे आपकी कान की नसें थक जाती हैं और इसका पता नहीं चल पाता क्योंकि ये इलैक्ट्रिक इम्पल्स पर कार्य करती हैं और अधिक समय तक ईयर फोन का इस्तेमाल करने से नर्वफटीग का काफी खतरा बढ़ जाता है। प्रतिदिन 4 से 5 युवा मरीज इस रोग से ग्रस्त आते हैं, जिनका एक ही वजह मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हियरिंग लॉस होना होता है।

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