लंगर के झूठे बर्तन साफ करते नजर आया ये अभिनेता, कर चुके है अपने 90% दौलत दान…!

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री मे बहुत ऐसे सुपरस्टार हैं जो अपने बढ़िया अभिनय के साथ-साथ अपनी दरियादिली के लिए भी जाने-जाते हैं। ये स्टार अपनी कमाई का एक बड़ा भाग लोगों की भलाई के लिए खर्च करते हैं। ऐसे ही एक सुपर स्टार अभिनेता नाना पाटेकर भी हैं।

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बता दे नाना पाटेकर बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की जाने-माने अभिनेता हैं। नाना पाटेकर ने अपने अब तक के करियर मे बहुत ऐसी फिल्में दी हैं, जो लोगों को खूब पसंद आई हैं। नाना पाटेकर ने अपने करियर की शुरूआत फिल्‍म ‘गमन’ से की थी, किन्तु इंडस्‍ट्री में उन्‍हें फिल्‍म ‘परिंदा’ से पहचान मिली। इस फिल्म मे उन्‍होंने खलनायक की किरदार अदा की थी।

इस फिल्‍म में उनके अभिनय के लिए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ सहायक अभिनेता का राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार और सर्वश्रेष्‍ठ सहायक अभिनेता का फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार भी दिया गया। इसके बाद उन्‍होंने बहुत अच्‍छी फिल्‍मों में काम किया, और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘यशवंत’, ‘अब तक छप्‍पन’, ‘अपहरण’, ‘वेलकम’ और ‘राजनीति’ उनकी प्रमुख फिल्‍मों में से एक हैं।

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नाना पाटेकर के बारे में काफी कम लोग जानते है कि नाना चैरिटी के लिए बहुत काम करते हैं। मे दी गई रिपोर्ट के अनुसार नाना पाटेकर अपनी कुल कमी का 90 % भाग दान कर देते है, और केवल 10% में अपना जिंदगी यापन बड़े आनंद से करते है।

नाना पाटेकर हमेशा ही सामाजिक कामों के लिए जाने जाते रहे हैं, किन्तु हाल ही में नाना ने उस वक़्त सबको चौका दिया था, जब सिर पर रुमाल बांधे श्री स्वर्ण मंदिर में पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारें में जाकर लंगर खाकर, और खुद बर्तन धोये।

नाना पाटेकर ने श्री स्वर्ण मंदिर की वीजीटर बुक में लिखा था कि, मेरी बचपन से ही यहीं इच्छा थी, कि एक दिन मैं स्वर्ण मंदिर अवश्य जाऊंगा। आज 68 वर्ष बाद पहला अवसर आया है, जो कि आज मैं यहां वाहेगुरु की शरण में हूं। मझे यहां आकर काफी सुकून मिला। यहां ना तो कोई गरीब ,है ना कोई अमीर है, ना जात का अंतर, ना ही मजहब का अंतर है। यदि पूरा भारत ऐसा ही हो जाए तो हमारे बीते स्वर्ण दिन वापस आएंगे।

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